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अरुणी किरणी Aruni Kirani Lyrics | Katyar Kaljat Ghusali | Mahesh Kale

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Aruni Kirani Lyrics from Katyar Kaljat Ghusali by Subodh Bhave. Composed by Shankar-Ehsan-Loy, Lyrics penned by Sameer Samant, and sung by Mahesh Kale. Enjoy the epic music on Zee music marathi.
Music by: Shankar-Ehsan-Loy
Lyrics by: Sameer Samant
Singer(s): Mahesh Kale
Music on: Zee Music Marathi

Aruni Kirani Lyrics in Marathi

धीम तनन धीम तन उदतन धेरेना … धीम तनन धीम तन उदतन धेरेना …(2)
आ…
अरुणी किरणी धरणी गगन चमके
भ्रमीत भ्रमर करी गुंजन हलके
अधीर मन मम जणू सरीत जल करीत स्वर झरझर…
धीम तनन धीम तन उदतन धेरेना …(2)
हो… बरसत बरसत
बरसे बरसे दिव्यभान स्वर्ग देस बरसे
तरसत तरसत तरसे तरसे मन तृषार्थ तव कृपेस तरसे
मम अंतरात मन मंदिरात स्वर ताल साज आज घुमतो
मन धुंद आज तव गुंजनात गुरुराज आज तुजसि दास स्मरतो
फिरते. धरती. धूम तननन
अवती .भवती… धूम्त
तन मन गगनी.अवनी.भरुनी कणकण स्वप्न एक आज आत रुजू दे…
आ…
जग हे भिजले जल सरीत अजि जरी
मन हे उरले का तृषार्थ मम परी
पडूदे क्षणीक तव कटाक्ष मजवरी
स्वर कट्यार काळजात घुसुदे…
धीम तनन धीम तन उदतन धेरेना …
धीम तनन धीम तन उदतन धेरेना …
अंधःकार गुरुविण जग भासे
कंठी स्वर उरलेत जरासे
किरण बनूनी क्षितिजी प्रकटावे
वरुण बनूनी हृदयी बरसावे
गुरुवर चरणी शरण मज द्यावे
वा तव स्मरणी मरण मज यावे…
धीम तननन…
आ…
पुन्हा जन्मण्यासाठी
द्यावा सुर सुधारस हो…
सुर… निरागस हो…(4)

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